Subdomain क्या है?

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दोस्तों आपको इस लेख में subdomain से सम्बंधित सारे सवालों के जवाव मिल जायेंगे, जैसे कि subdomain क्या है, subdomain कैसे create करें, domain और subdomain में क्या अंतर है आदि। अगर आप domain के बारे में जानना चाहते हैं तो Domain क्या होता है पढ़ें।

इस लेख में हम जानेंगे:
  1. Subdomain क्या है?
  2. Subdomain कैसे Create करें?
  3. Subdomain के फायदे
  4. Subdomain के नुकसान

Subdomain क्या होता है?



Subdomain एक domain का ही हिस्सा होता है, लेकिन इसपर एक अलग वेबसाइट बनाई जा सकती है। जैसे
  • blogmanch.com - main domain
  • shop.blogmanch.com - subdomain
यहाँ पर blogmanch.com एक main domain है और shop.blogmanch.com इसका एक subdomain है। इस subdomain पर आप एक अलग वेबसाइट install कर सकते हैं।

चलिए detail में जानते हैं कि subdomain क्या होता है?

जैसे कि www.blogmanch.com एक domain है जिसमें
  1. .com = TLD ( Top Level Domain)
  2. blogmanch= SLD ( Second Lavel Domain )
  3. www= Subdomain
- .com को Top Level Domain (TLD) या domain extension भी कहा जाता है। इसकी जगह .in, .net, .co.in या कोई और भी extension हो सकता है।

- blogmanch एक Second Level Domain (SLD ) है जो हर domain का सबसे unique unique नाम होता है, एक extension (.com, .in, .net आदि) के साथ।

- www यहाँ पर subdomain है। हाँ आपने सही पढ़ा, www भी एक subdomain होता है, लेकिन अक्सर इसको लिखने की जरूरत नहीं पढ़ती। आप अपनी वेबसाइट पर www की जगह कोई और subdomain इस्तेमाल कर सकते हैं, और जितनी बार चाहे उतनी बार।

मैं आपको एक बार फिर से बता देना चाहता हूँ कि main website और subdomain website एक दूसरे से बिलकुल अलग होती हैं, दोनों की hosting files की directory अलग होती है। जैसे www.apkadomain.com और shop.apkadomain.com पर आपको अलग-अलग वेबसाइट install करनी होंगी।

Subdomain का मुख्य उपयोग वेबसाइट के अलग-अलग प्रकार content को अलग करने के लिए किया जाता है। जैसे www.quora.com पर english content है और hi.quora.com पर हिंदी। अक्सर आपने ऐसी कई multi language websites देखी होंगी, जहाँ language बदलते ही आप एक अलग website पर चले जाते हैं।

मुझे उम्मीद है दोस्तों कि आपको subdomain के बारे में समझ में आ गया होगा। चलिए अब जानते हैं कि इसे बनाते कैसे हैं -

Subdomain कैसे बनाते हैं?



Subdomain बनाने के अलग-अलग तरीके होते हैं, अलग-अलग domain और hosting provider के अनुसार। एक universal तरीका भी है जिससे आप subdomain बना सकते हैं।

Subdomain बनाने के लिए अपने Hosting cPanel में जाएँ, वहां आपको Domains का section मिल जायेगा।

Hosting cPanel में Domains पर जाएँ


आपको subdomain बनाने के लिए Subdomains सेलेक्ट करना होगा।

Hosting में Subdomain सेलेक्ट करें


अब यहाँ आपको subdomain name डालना है जैसे shop, blog आदि जो भी आप चाहो। अगले बॉक्स में आपको अपना main domain सेलेक्ट करना है जिसका आप subdomain बनाना चाहते हैं। आपके domain और subdomain के अनुसार root directory अपने आप बन जाएगी। आप चाहें तो इसे बदल सकते हैं। सब सेट करने के बाद Create बटन पर क्लिक करें।

अब आपका subdomain बन जायेगा, आप इसे फिरसे subdomain सेक्शन में जाकर जाँच सकते हैं। अब आपको इस domain का जहाँ भी उपयोग करना है आप कर सकते हैं। अगर आप WordPress install करना चाहते हैं तो cPanel में Application सेक्शन में WordPress install करने का ऑप्शन मिल जायेगा। Install करते समय आपको subdomain सेलेक्ट करना है।

तो दोस्तों अबतक हमने जाना कि subdomain क्या है और इसे create कैसे करते हैं। अब चलिए जानते हैं subdomain की कुछ ख़ास बातें।

Subdomain के फायदे



Subdomain के काफी सारे फायदे हैं। कुछ जरूरी फायदों के बारे में बात कर लेते हैं:

Domain Ranking



Subdomain का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपके primary domain की ranking आपके subdomain की ranking होगी। जैसे google.com दुनिया का नंबर 1 वेबसाइट है और इस वजह से Google के जितने भी प्रोडक्ट हैं जैसे कि Google Analytics, Google Search Console, Google Adsense आदि सभी नंबर 1 पर हैं और इसकी वजह है कि Google अपने सभी products के लिए या तो subdomain का इस्तेमाल करता है या subfolder का। ऐसा करने से उसके सभी प्रोडक्ट्स अलग-अलग होते हुए भी एक ही वेबसाइट (google.com) पर रहते हैं और लोगों को भी विश्वास रहता है कि यह प्रोडक्ट Google के ही हैं।

तो अगर आपके primary domain का rank और brand नाम अच्छा है तो आपको उसका फायदा subdomain को भी मिलेगा।

Branding के फायदे



अगर आपकी primary website पहले से ही popular है तो ऐसे में subdomain की website भी अपनेआप लोकप्रिय हो जाएगी और लोगों को आपको ज्यादा बताना नहीं पड़ेगा कि यह आपकी वेबसाइट है, लोग domain देखकर ही समझ जायेंगे कि यह किस domain या brand की वेबसाइट है।

Organised रहें:



अगर आपका primary domain पहले से ही किसी एक niche या topic के साथ चल रहा है और आप कुछ नया शुरू करना चाहते हैं तो आप एक subdomain की मदद से same domain पर नई वेबसाइट बना सकते हैं। जैसे आप अपनी साइट पर एक shop, forum, support आदि खोलना चाहते हैं तो subdomain का इस्तेमाल करें। यह सारी वेबसाइट आपकी मुख्य वेबसाइट से बिलकुल अलग होंगी।

Subdomain के नुकसान



Subdomain के कुछ नुकसान भी हैं। अगर आपकी वेबसाइट की rating ख़राब है तो ऐसे में subdomain शुरू किया तो उसकी rating भी ख़राब ही होगी। अगर लोग आपकी वेबसाइट पर भरोसा नहीं करते तो आपके subdomain पर भी भरोसा नहीं करेंगे।

Subdomain को बनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि इसका नाम किसी बड़ी कंपनी पर न रखें, बरना आपको परेशानी हो सकती है। जैसे आपने सोचा चलो WordPress के ऊपर लेखों के लिए एक अलग subdomain रखते हैं wordpress.blogmanch.com, तो ऐसी स्थिति में आपको परेशानी हो सकती है।

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा। अगर आपका कोई सवाल है तो आप हमसे रिप्लाई करके पूछ सकते हैं।
 
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